दीदार उनका
हुआ जब
, बड़ी गंभीर
बैठी थी
वोह
बिन सोये गुज़ारी थी सारी रात , अब नींद में लग ही थी वोह
तनहाई के आलम में , इक कोने में सिमटी हुई थी वोह
जाने किन यादों में डूबी थी , कुछ ग़मगीन लग रही थी वोह
रूखा सूखा बेजान सा चेहरा , बेचारी सी दिख रही थी वोह
इस आने वाली सुबह का , जाने कबसे इंतज़ार कर रही थी वोह
इक रात गुज़री इक साल की तरह , पर अब मुस्कुरा रही थी वोह
बीते हुए गमों को पीछे छोड़ , खुशियाँ मना रही थी वोह
साथ चलने लगे हम जो पनघट पे , खूब इतरा रही थी वोह
रौनक सी थी अब चेहरे पे , जश्न मना रही थी वोह
क्यों? जानने की ख्वाहिश जगी आखिर कौन थी वोह ?
आओ तुमसे भी पहचान करा दूं , मेरी पानी की बोतल थी वोह :)
बिन सोये गुज़ारी थी सारी रात , अब नींद में लग ही थी वोह
तनहाई के आलम में , इक कोने में सिमटी हुई थी वोह
जाने किन यादों में डूबी थी , कुछ ग़मगीन लग रही थी वोह
रूखा सूखा बेजान सा चेहरा , बेचारी सी दिख रही थी वोह
इस आने वाली सुबह का , जाने कबसे इंतज़ार कर रही थी वोह
इक रात गुज़री इक साल की तरह , पर अब मुस्कुरा रही थी वोह
बीते हुए गमों को पीछे छोड़ , खुशियाँ मना रही थी वोह
साथ चलने लगे हम जो पनघट पे , खूब इतरा रही थी वोह
रौनक सी थी अब चेहरे पे , जश्न मना रही थी वोह
क्यों? जानने की ख्वाहिश जगी आखिर कौन थी वोह ?
आओ तुमसे भी पहचान करा दूं , मेरी पानी की बोतल थी वोह :)
Paani ki bottle ...haha :)
ReplyDelete