दिल ने तुझे याद किया , इक प्यारा सा नगमा गाके
गानों से गर इज़हार होता , गाना कतैय न छोड़ते हम ||
सबमें दिखा तेरा ही साया , तुझे याद बार बार करके
याद करने से गर इज़हार होता , याद करना कतैय न छोड़ते हम ||
कान हमेशा तैयार रहे , तेरी आहटों की आहट सुनने
यह सुनने से गर इज़हार होता , सुनना कतैय न छोड़ते हम ||
तेरा इंतज़ार किया , जाम पे जाम भर भरके
इंतज़ार से गर इज़हार होता , इंतज़ार करना कतैय न छोड़ते हम ||
नैन आस लगाये रहते तेरी , इक झलक को देखने
देखने से गर इज़हार होता , देखना कतैय न छोड़ते हम ||
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