Sunday, 4 December 2011

कुछ यूँ ही


दिल  की  बात  कह  नहीं  पाते  जुबां  पे  ताला  लग  जाता  है |
हमेशा  हँसते  देख  उन्हें  प्यार  भरा  दिल  खिल  खिलाता  है ||

हँसना  तो  हसीनो  की  आदत  ही  रही  है |
उसे  प्यार  समझके  दिल  बहुत   पछताता  है ||

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