Thursday, 16 February 2012

...से क्या फ़ायदा


अजीबो गरीब हरकतें करकेहँसा तो लिया तुमने 
हँसाने के बाद रुलाने से क्या फ़ायदा

दिल की उस दुखती रग कोपकड़ तो लिया तुमने
पकड़ने के बाद छोड़ने से क्या फ़ायदा

यूँ ही मज़ाक में मेरे दिल को, जला तो लिया तुमने 
जलाने के बाद बुझाने से क्या फ़ायदा

कोई  कोई बात छेडकेझगड़ तो लिया तुमने 
झगड़ने के बाद मनाने से क्या फ़ायदा

प्यार नहीं तुमको मुझसेदिखलाने की लाख कोशिश की तुमने 
हक़ीकत को झुठलाने से क्या फ़ायदा

पुछा जो कब एक होंगे हमघबरा गए हो तुम  
घबराने के बाद दिलासा देने से क्या फ़ायदा

जानती हूँ मैं भी, प्यार तो किया तुमने 
प्यार के बाद नफ़रत से क्या फ़ायदा

ज़माने के रिवाजों को छोडकेअपना तो लिया तुमने 
अपनाने के बाद ठुकराने से क्या फ़ायदा

झप्पी


ठंड में धूप की किरणों के जैसी
सूखे रेगिस्तान में पानी के जैसी
सर्दी में गरम चाय के जैसी
तपती धूप में सर्द हवाओं के जैसी
फूल की पंखुड़ियों पे ओस की बूंदों के जैसी 
मंदिर में चल रहे कीर्तन के जैसी 
पूजा में मिलने वाले प्रसाद के जैसी
एक नाचीज़ को मिलने वाले पुरस्कार के जैसी 
दहकते शोलों पे बारिश के जैसी 
आसमान में टिमटिमाते सितारों के जैसी
समंदर में चलती लहरों के जैसी  
पिघलके गिरते हुए मोम के जैसी
दीये में जलने वाले तेल के जैसी
भरी बरसात में छाते के जैसी
फिज़ाओं के महकने के जैसी
गीतों से जुडे सुरों के जैसी
ज़ख्मों पे लगने वाले मलहम के जैसी 
अल्फाज़ो से बनी हर डोर के जैसी
हर गम को भूलने वाली दवा के जैसी 
ऐसी अनगिनत उपमाओं के जैसी
है बस माँ की एक झप्पी

जुदाई


तूने हरदम साथ दिया मेरा एक दोस्त की तरह
सुनी बातें मेरी हमेशा बिना किसी झिझक के ||

मैं  थी जबमेरी राह देखता था
इंतज़ार भी करता रहा बिना किसी सवाल के ||

तेरी रग-रग से वाकिफ़ हूँ मैं तो अब
जाना नहीं चाहती तुझसे मूंह मोड़ के ||

दस्तूर दुनिया के निभाने भी हैं
जाना पड़ेगा मुझे तुझे छोडके ||

मजबूरी इंसान से क्या क्या करवा लेती है
जीना मुश्किल होगा तेरी बाहों का आँचल छोडके ||

दो साल के इस प्यार के रिश्ते को
तोडना पड़ रहा है मुझे मेरी ओर से ||

गम तुझे भी होगा मेरे जाने का पर
किसी दूसरे का साथ मिले तो ले लेना बिना कुछ सोच के ||

डैस्क तो तू ही मेरा पसंदीदा रहा है अब तक
दूसरे मिले उस डैस्क से भी नाता जुड़ जायेगा अब कल परसों से ||

आ भी जा


I have been listening to this song for almost  5 days now. It is a 6 minutes song and has only two paragraphs. These 6 minutes pass so fast and I don't like that :P So here's an attempt to add two more paragraphs to the song at the end ;)

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 भी जा भी जा सुबह  भी जा
रात को कर विदादिलरुबा  भी जा

Male

मेरेमेरे दिल के पागलपन की ओह सीमा क्या है
यूँ तो तू है मेरीछाया तुझ मेहोतेरा क्या है
मैं  हूँ  गगन  तू  है  ज़मीन , अधूरी  सी  मेरे बिना
रात को कर विदादिलरुबा  भी जा
 भी जा भी जा सुबह  भी जा - 2

Female

देखूं चाहे जिसकोकुछ कुछ तुझसा दिखता क्यूं है
जानूंजानूं ना मैंतेरा मेरा रिश्ता क्यूं है
कैसे कहूं कितना बेचैन है दिल मेरा तेरे बिना
रात को कर विदादिलरुबा  भी जा
 भी जा भी जा सुबह  भी जा - 2
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New Ones:

Male

देखूं मैं भी जिसकोतेरी सूरत उसमें दिखती ्यूँ है
जानूं वैसे तो मैंतेरे जैसी कोई और नहीं है
इतना देखूं तुझे फिर भी कमी सी है तेरे बिना
रात को कर विदादिलरुबा  भी जा
 भी जा भी जा सुबह  भी जा - 2

Female

दिल का क्या है दिल तोतेरे दिल पे ही मरता बस है
मानूँ कैसे मानूँमेरे दिल से वोह डरता क्यूँ है
दिल से दिल का मिलन कैसे पूरा हो तेरे बिना
रात को कर विदादिलरुबा  भी जा
 भी जा भी जा सुबह  भी जा - 2

Tuesday, 14 February 2012

Single


Here is the day when you have no say
Feeling lonely with an ocean of hopes
Hopping around like nomads
Appeasing your heart with "It's ok"

All free to do anything
Ifs and buts don't really matter
You claim to be a free bird
And your friends say "Grapes are sour"

You are busy in your own world
When everyone's heart plays a jingle
You don't have a permanent place to reside
That's why you always linger

Are you content with what you are, or
Looking for someone to mingle
The day will come when you'll have to tie the knot
Till then enjoy the status of being single

P.S. Dedicated to all the singles ;)