अजीबो गरीब हरकतें करके, हँसा तो लिया तुमने
हँसाने के बाद रुलाने से क्या फ़ायदा
दिल की उस दुखती रग को, पकड़ तो लिया तुमने
पकड़ने के बाद छोड़ने से क्या फ़ायदा
यूँ ही मज़ाक में मेरे दिल को, जला तो लिया तुमने
जलाने के बाद बुझाने से क्या फ़ायदा
कोई न कोई बात छेडके, झगड़ तो लिया तुमने
झगड़ने के बाद मनाने से क्या फ़ायदा
प्यार नहीं तुमको मुझसे, दिखलाने की लाख कोशिश की तुमने
हक़ीकत को झुठलाने से क्या फ़ायदा
पुछा जो कब एक होंगे हम, घबरा गए हो तुम
घबराने के बाद दिलासा देने से क्या फ़ायदा
जानती हूँ मैं भी, प्यार तो किया तुमने
प्यार के बाद नफ़रत से क्या फ़ायदा
ज़माने के रिवाजों को छोडके, अपना तो लिया तुमने
अपनाने के बाद ठुकराने से क्या फ़ायदा