निहार रही हूँ मैं उसे, जैसे कोई चमकता सितारा हो
देख रही है मुझे भी वोह,कुछ मेरी ही तरह
अजीब-ओ-गरीब चेहरे बना रही है, जैसे किसी फिल्म की नायिका हो
नक़ल मेरी कर रही है वोह,कुछ मेरी ही तरह
हर तरह के रंग हैं लिबास में उसके, जैसे फूलों से भरा गुलशन हो
ख़ूब जच रही है वोह,कुछ मेरी ही तरह
हँसी है होंठों पे उसके, जैसे कोई फूल खिल रहा हो
मुस्कान चेहरे पे खिल उठी है उसके,कुछ मेरी ही तरह
मिलने का वक़्त तय है मेरा उसका, ताकि इंतज़ार का तक़ल्लुफ़ न हो
मेरे आते ही आ जाती है वोह,कुछ मेरी ही तरह
रुखसत होने का वक़्त भी तय है, ताकि रुसवाई का ग़म कुछ कम हो
मेरे जाने पे चली जाती है वोह, कुछ मेरी ही तरह
एक अटूट रिश्ता है हमारे बीच, जैसे चाँदनी का चाँद से हो
प्यार करती है मुझसे वोह, कुछ मेरी ही तरह
हर रोज़ मुझसे मिलती है वोह, न मिले तो जाने क्या क़यामत हो
शीशा समझती है मुझको शायद,कुछ मेरी ही तरह
देख रही है मुझे भी वोह,कुछ मेरी ही तरह
अजीब-ओ-गरीब चेहरे बना रही है, जैसे किसी फिल्म की नायिका हो
नक़ल मेरी कर रही है वोह,कुछ मेरी ही तरह
हर तरह के रंग हैं लिबास में उसके, जैसे फूलों से भरा गुलशन हो
ख़ूब जच रही है वोह,कुछ मेरी ही तरह
हँसी है होंठों पे उसके, जैसे कोई फूल खिल रहा हो
मुस्कान चेहरे पे खिल उठी है उसके,कुछ मेरी ही तरह
मिलने का वक़्त तय है मेरा उसका, ताकि इंतज़ार का तक़ल्लुफ़ न हो
मेरे आते ही आ जाती है वोह,कुछ मेरी ही तरह
रुखसत होने का वक़्त भी तय है, ताकि रुसवाई का ग़म कुछ कम हो
मेरे जाने पे चली जाती है वोह, कुछ मेरी ही तरह
एक अटूट रिश्ता है हमारे बीच, जैसे चाँदनी का चाँद से हो
प्यार करती है मुझसे वोह, कुछ मेरी ही तरह
हर रोज़ मुझसे मिलती है वोह, न मिले तो जाने क्या क़यामत हो
शीशा समझती है मुझको शायद,कुछ मेरी ही तरह
No comments:
Post a Comment